नई दिल्ली, जून 3 -- ये किस्सा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक 'गदर: एक प्रेम कथा' का है। डायरेक्टर अनिल शर्मा, सनी देओल और अमीषा पटेल की फिल्म को परफेक्ट बनाने के लिए हर मुमकिन चीज कर रहे थे। लेकिन हद तब पार हुई जब उन्होंने एक सीन के लिए अपने ही बेटे की जान दांव पर लगा दी थी। कैसे? आइए बताते हैं।'गदर' के किस सीन की बात हो रही है? दरअसल, 'गदर' में तारा सिंह और सकीना के बेटे चरणजीत का किरदार जिस बच्चे ने निभाया है वो अनिल शर्मा के रियल बेटे उत्कर्ष शर्मा हैं। साल 2000 के आस-पास की बात है। अनिल शर्मा 'गदर' के उस आइकॉनिक क्लाइमेक्स सीन को शूट कर रहे थे जहां तारा सिंह अपने परिवार को लेकर पाकिस्तान से हिंदुस्तान की तरफ भाग रहा होता है। यह भी पढ़ें- मैं निकला गड्डी लेके; सनी देओल के गाने का भोजपुरी वर्जन वो भी गांववाला, सुन...