मुजफ्फरपुर, मई 3 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। 'गंडक की बेटी' काव्य संग्रह में गंडक के किनारे की समृद्ध लोक संस्कृति को बखूबी उतरा गया है। ये बातें रविवार को रामदयालु में कवयित्री डॉ. अनिता सिंह के काव्य-संग्रह के इस लोकार्पण उत्सव-सह-कवि-गोष्ठी में वरिष्ठ कवि-गीतकार प्रो. रिपुसूदन श्रीवास्तव ने कही। कवि-गीतकार प्रो. रवीन्द्र उपाध्याय ने कहा कि 'गंडक की बेटी' आंचलिकता को केंद्र में रखकर लिखा गया है। कवि डॉ. संजय पंकज ने कहा कि यह संग्रह अपनी जड़ों से जोड़ता है। स्मृतियों को जिस मनोयोग से अनिता सिंह ने सहेजा है, उसी मनोयोग से उसे रचनात्मक विस्तार दिया है। यह संग्रह संबंध और विशेष रूप से स्त्री-विमर्श को फिर से नई परिधि में खड़ा करता है। कथाकार डॉ. रामेश्वर द्विवेदी ने कहा कि यह पुस्तक अपनी अधिकांश कविताओं में अपनी पारिवारिक व अजनबियों स...
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