नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भोजशाला विवाद के मुकदमे में मंगलवार को हिंदू पक्ष ने दलील दी। हिंदू पक्ष ने कहा कि 11वीं सदी के स्मारक परिसर का एक विवादित ढांचा वक्फ (धर्मार्थ अर्पित) संपत्ति कतई नहीं है और किसी स्थान पर केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह कानूनन मस्जिद नहीं बन जाती। भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।हाईकोर्ट की इंदौर पीठ इस परिसर के धार्मिक स्वरूप के विवाद को लेकर दायर चार याचिकाओं और एक रिट अपील पर सोमवार (छह अप्रैल) से नियमित सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दूसरे दिन याचिकाकर्ताओं में शामिल संगठन 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत में अपनी दली...