नई दिल्ली, जुलाई 7 -- दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी से हटाने के बाद राजनीति तेज हो गई है। यह फिल्म जी-5 पर रिलीज की गई थी जिसे दो दिन बाद ही हटा लिया गया। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभा रहे हैं। पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। उन्होंने पंजाब में उग्रवाद के दौर के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित फेक एनकाउंटर और हजारों लावारिस लाशों के गैर-कानूनी अंतिम संस्कार का पर्दाफाश किया था। बाद में 1995 में वह खुद भी रहस्यमय तरीके से गायब हो गए थे।क्या बोले सुखबीर सिंह बादल शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि सतलुज को मनमाने ढंग से बैन करने से हैरान और दुखी हूं।...