मुजफ्फरपुर, मार्च 22 -- हथौड़ी। नरमा पश्चिमी ब्रह्ममस्थान के समीप आयोजित सात दिवसीय कथा के दूसरे दिन रविवार को कथावाचक आचार्य लक्ष्मण दास जी महराज ने कहा कि कथा का श्रवण करने से भयभीत मन को शांति मिलती है। मन काबू में रहता है तथा भागवत रस में डुबकी लगाने का मौका मिलता है। मनुष्य को एकचित होकर भगवान की लीला पर आधारित कथा को सुनकर कथा रूपी गंगा में डुबकी लगानी चाहिए। कहा कि किसी देवी-देवताओं की पूजा के अवसर पर कथा का आयोजन होना अच्छी पहल है। इस मौके पर आचार्य गणेश पांडे, बरोज कुमार, नानटून सिंह, रंजीत सिंह, अनिल झा, सूरज सिंह, राजा सिंह, अविनाश कुमार, संजीव सिंह, पप्पू सिंह, रमन झा, वाल्मीकि सिंह, मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।

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