नई दिल्ली, जून 29 -- भारत-पाकिस्तान संबंधों पर विदेशों में आयोजित चर्चाओं में व्यक्तिगत हैसियत से भाग लेने वाले रिटायर्ड राजनयिकों और सैन्य अधिकारियों से सरकार का कोई संबंध नहीं है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को कहा कि नई दिल्ली ऐसे विचार-विमर्श का संज्ञान नहीं लेती। मिसरी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में मीडिया से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी उन खबरों के संदर्भ में की, जिनमें कहा गया था कि पिछले सप्ताह कोलंबो में एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन से इतर आयोजित 'ट्रैक-2' वार्ता हुई। इसमें भारत और पाकिस्तान के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, राजनयिक और नेता शामिल हुए थे। यह भी पढ़ें- चीन ने फिर की चालबाजी, तीस्ता डील पर भारत की चिंताओं को किया दरकिनार विदेश सचिव मिसरी ने कहा, 'दुनिया भर में विभिन्न विषयों पर इस तरह के दर्जनों कार्यक्रम आयोज...