हल्द्वानी, मार्च 14 -- हल्द्वानी, कार्यालय संवाददाता। असम राइफल्स ने अपने एक दिव्यांग पूर्व सैनिक की मदद के लिए हाथ बढ़ाकर सेना की अटूट परंपरा को जीवंत किया है। अल्मोड़ा निवासी पूर्व राइफलमैन भगवंत सिंह जो साल 2020 में सेवानिवृत्ति के बाद पेरिफेरल आर्टरी डिजीज के कारण अपने दोनों पैर खो चुके थे, अब फिर से आत्मनिर्भर हो सकेंगे। महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने भगवंत सिंह की अपील पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्हें विशेष रूप से डिजाइन की गई तिपहिया स्कूटी उपलब्ध कराई। शनिवार को स्कूटी सौंपे जाने के दौरान भगवंत सिंह भावुक हो गए। उन्होंने बल का आभार जताते हुए कहा, 'आज मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मुझे मेरे पैर वापस मिल गए हों। असम राइफल्स की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि वर्दी उतारने के बाद भी विभाग अपने जाबांजों को अकेला नहीं छोड़...