वाराणसी, जून 20 -- वाराणसी। नोएडा की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी त्यागी ने कहा कि फोर्स्ड ऑसिलेशन टेक्नीक (एफओटी) से बच्चों में दमा की जांच आसान हो गई है। इसमें बच्चे को केवल सामान्य रूप से सांस लेना होता है, जबकि मशीन ध्वनि तरंगों के माध्यम से फेफड़ों और श्वसन नलियों की कार्यक्षमता का आकलन करती है। एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक (एओपी) की ओर आयोजित तीन दिवसीय पेड पॉल्मोकॉन के पहले दिन शुक्रवार को होटल इंडिया में कार्यशाला हुआ।

दमा का पता लगाने में नई तकनीक डॉ. शालिनी त्यागी ने कहा कि यह तकनीक विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए उपयोगी मानी जाती है, क्योंकि इसमें स्पाइरोमेट्री की तरह जोर लगाकर सांस छोड़ने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि दमा की शुरुआती अवस्था में ही पहचान करने में मदद मिलती है। यह जांच पूरी तरह दर्दरहित होती है। उन्होंने कहा क...