नई दिल्ली, फरवरी 28 -- सुप्रीम कोर्ट के जज के.वी. विश्वनाथन ने शनिवार को कहा कि एआई कानूनी पेशे के मूल कार्यों की जगह नहीं ले सकती और एक प्रशिक्षित कानूनी दिमाग हमेशा उस बढ़त को बनाए रखेगा जिसे किसी भी 'एल्गोरिदम' द्वारा दोहराया नहीं जा सकता। उन्होंने नागपुर में महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में एक सभा को संबोधित किया, जहां भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई विशिष्ट अतिथि थे। प्रौद्योगिकी का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने कहा कि 21वीं सदी में वकीलों से प्रौद्योगिकी में नए कौशल विकसित करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि समय बचाने वाली हर जिम्मेदारी को मापना और उसमें महारत हासिल करना जरूरी है, जिससे एक स्वाभाविक सवाल उठता है कि 'कानूनी पेशे में एआई की क्या भूमिका है?' न्यायमूर्ति विश्वन...
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