नई दिल्ली, जून 30 -- दिल्ली के मध्य जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून (सीपीए) उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने के लिए बनाया गया एक कल्याणकारी कानून है, न कि रातोंरात अमीर बनने या अनुचित लाभ कमाने का कोई जरिया है। आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जयपुरियार और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल की बेंच ने 12 रुपये के एक पेपर कैरी बैग के बदले कुल 75 हजार रुपये का मुआवजा मांगने वाली महिला की शिकायत को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। यह भी पढ़ें- दुर्घटना का ठोस सबूत न हो तब भी मिल सकता है क्लेम, उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसलाक्या है मामला यह मामला आदर्श नगर निवासी प्रीति अग्रवाल से जुड़ा है। उन्होंने पैसिफिक मॉल स्थित 'लाइफस्टाइल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड' के स्टोर से खरीदारी की थी। उनके पास खुद का थैला...