देहरादून, मार्च 31 -- देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। दून विश्वविद्यालय में मंगलवार को जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन विषय पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पहाड़ों में समावेशी जलवायु नीतियों पर दिया जोर। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में लगातार प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रहीं हैं। इस दौरान अजय झा ने कहा कि वर्तमान में हिमालयी क्षेत्र जलवायु परिवर्तन के प्रति वैश्विक स्तर पर सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। उत्तराखंड में अनिश्चित वर्षा, ग्लेशियरों का पिघलना, बार-बार होने वाले भूस्खलन और वनाग्नि जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। अनियोजित बुनियादी ढांचे के विकास और वनों की कटाई जैसी समस्याओं ने उत्तराखंड में गंभीरता को और बढ़ा दिया है। लिहाजा, इसकी रोकथाम के प्रयासों जरूरी हैं। दून विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अभिलाषा कन्नौजिया ने कहा कि...