दिल्ली, अप्रैल 8 -- दिल्ली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पिछले कुछ सालों से छात्र संगठनों की गतिविधियां सीमित करने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं.जेएनयू और जेएमआई के बाद अब डीयू प्रशासन ने भी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं.दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) उच्च शैक्षिक संस्थान होने के साथ ही बहस, असहमति और राजनीतिक चेतना का मंच रहा है.आर्ट्स फैकल्टी, चाय की दुकानों के कोने और पोस्टरों से भरी दीवारें इसकी पहचान है.यहां छात्र राजनीति से अरुण जेटली, अलका लांबा, रेखा गुप्ता, विजय गोयल और अजय माकन जैसे कई बड़े नेता निकले.वही विश्वविद्यालय परिसर अब बदल रहा है.फरवरी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई नियमावली के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान यूट्यूबर रुचि तिवारी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी हुई.इसके बाद डीयू प्रशासन ने छात्र सभाओं पर प्रतिबंध क...