नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल किया कि जब आप नौकरी कर रहे अनारक्षित वर्ग के शिक्षकों को हटाने के पक्ष में नहीं हैं तो आरक्षित वर्ग के उम्मीदारों को न्याय कैसे मिलेगा जो सालों से संघर्ष कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की, जब राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित और कई सालों से नौकरी कर रहे सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को हटाने के पक्ष में नहीं है। न्यायमूर्ति एस.बी.एन. भट्टी और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ के समक्ष उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में अंतिम दौर की सुनवाई शुरू हो गई। यूपी सरकार की ओर से अधिवक्ता अंकित गोयल ने पीठ से कहा कि राज्य सरकार किसी भी चयनित शिक्षक जो कई...