रुद्रपुर, अप्रैल 18 -- शांतिपुरी। महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित न होने पर क्षेत्र में नाराजगी देखने को मिल रही है। पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष दीपा ललित कांडपाल ने कहा कि सदन में बिल का अटकना देश की आधी आबादी के सम्मान के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई थी, लेकिन विपक्ष की राजनीति के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त मत समर्थन मिल जाता तो यह बिल पारित होकर महिलाओं के अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होता। आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के कारण महिलाओं के अधिकारों को भी नजरअंदाज कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- इसकी कीमत चुकानी होगी, हर गांव तक ले जाएंगे सच: संशोधन बिल के गिरने पर पीएम मोदी की चेतावनी उन्होंने क...
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