वाराणसी, अक्टूबर 4 -- वाराणसी। काशी के दशाश्वमेध तीर्थ पर पितृपक्ष में रविवार को मातृ नवमी तिथि पर काशी की सामाजिक संस्था आगमन की ओर से कोख में मारी गई बेटियों के श्राद्ध का अनुष्ठान किया गया। 'अंतिम प्रणाम का दिव्य अनुष्ठान' दशाश्वमेध घाट पर पांच कर्मकांडी ब्राह्मणों के सानिध्य में पं. दिनेश दुबे के आचार्यत्व में हुआ। अनुष्ठान में इस वर्ष 10 हजार अजन्मी बेटियों का श्राद्ध मानस पिता के रूप में डॉ.संतोष ओझा ने किया। श्राद्ध की दृष्टि से उत्तम काल, मध्याह्न में त्रिपिंडी श्राद्ध के विधान आरंभ हुए। श्राद्ध में प्रत्येक अजन्मी बेटी के निमित्त जौ, चावल और खोआ का पिंड बना कर दान किया गया। संस्था द्वारा अजन्मी बेटियों के श्राद्ध का यह दसवां वर्ष है। पिछले 13 वर्ष में कुल 1.60 लाख अजन्मी बेटियों के श्राद्ध का कर्मकांड पूरा हो चुका है। श्राद्धकर्म...