देहरादून, अगस्त 1 -- देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में शनिवार को 'असहमति की कला: भारतीय कार्टून कला पर एक सजीव प्रस्तुति' विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें देश के प्रख्यात राजनीतिक कार्टूनिस्ट ईपी उन्नी ने भारतीय लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कार्टून कला की भूमिका पर अपने विचार रखे।व्याख्यान के दौरान ई. पी. उन्नी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति कोई कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। कार्टून कम शब्दों में समाज के समक्ष गंभीर प्रश्न खड़े करने और सोचने पर मजबूर करने का सशक्त माध्यम है। वरिष्ठ पत्रकार अरविन्दर सिंह ने उनका परिचय कराया। प्रश्नोत्तर सत्र में डिजिटल मीडिया, एआई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में चंद्रशेखर तिवारी, डॉ. सुशील उपाध्याय, डी.के. पांडे आदि मौज...