नई दिल्ली, मार्च 3 -- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के 'मुस्लिम विरोधी' बयानों की मंगलवार को निंदा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। इस मुस्लिम संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से 'खतरनाक और असंवैधानिक' टिप्पणी करने के लिए सरमा के खिलाफ उचित संवैधानिक कार्रवाई करने की भी अपील की। बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने एक बयान में आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के लोगों के राजनीतिक बयानों में मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरी बातें करना और खुले तौर पर उकसाना सामान्य बात हो गई है। बोर्ड के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री सरमा ने पिछले दिनों असम के तिनसुकिया में एक सरकारी समारोह में आपत्तिजनक बयान दिया था।
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