'अब समझ में आ गया कि क्रांति नहीं चलेगी', झारखंड में 27 नक्सलियों ने सरेंडर करते हुए क्या कहा
रांची, मई 22 -- गुरुवार को झारखंड में 27 माओवादियों ने एक साथ सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने के दौरान माओवादियों ने जो कहा, वो इस बात की गवाही है कि देश के साथ अब झारखंड से भी माओवाद पूरी तरह खत्म होने की कगार पर आ गया है। भाकपा माओवादियों के सेक्शन कमांडर रहे गुलशन मुंडा ने सरेंडर के बाद कहा कि अब समझ में आ गया है कि क्रांति नहीं चल सकती। इसलिए उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। गुलशन ने कहा कि कई मुठभेड़ में वह शामिल रहा था, अंतिम बार 2025 में उसकी मुलाकात मिसिर बेसरा से हुई थी।संगठन अब धीरे-धीरे कमजोर, रसद तक नहीं सरेंडर करने वाली महिला नक्सली सुनीता उर्फ बारी सरदार ने कहा कि माओवादी संगठन में वह 2018 में गई थी, संगठन में संतरी व खाना बनाने जैसे काम वह करती थी। लेकिन संगठन अब धीरे-धीरे कमजोर होता गया, रसद तक नहीं मिल पाता था। ऐसे में...
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