नई दिल्ली, मार्च 31 -- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने घर में धार्मिक प्रार्थना सभा करने के लिए पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं है, बशर्ते किसी कानून का उल्लंघन न हो। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी ने हाल ही में दिए फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता उस भूमि के पंजीकृत मालिक हैं, जहां वे 2016 से अपने घर में ईसाई धर्म के अनुयायियों की 'प्रार्थना बैठक' आयोजित करते थे। पीठ ने कहा कि ऐसा कोई कानून नहीं है, जो किसी व्यक्ति को अपने आवासीय घर में प्रार्थना या प्रार्थना-बैठक आयोजित करने से रोकता हो। अदालत ने कहा कि किसी भी प्राधिकारी से प्रार्थना या प्रार्थना-सभा आयोजित करने के लिए पूर्व अनुमति प्राप्त करने की जरूरत नहीं है, विशेषकर इसे किसी भी कानून का उल्लंघन किए बिना आयोजित किया जाए।अदालत ने कहा कि अगर ध्वनि प्रदूषण के कारण कोई उ...