नई दिल्ली, मई 19 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि किसी मामले में बहस के दौरान और अदालत के समक्ष जवाबी हलफनामा दाखिल करते समय सरकार और उसके अधिकारियों का कर्तव्य वास्तविक सहायता प्रदान करना है तथा उनसे यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वे कानून के विपरीत किसी भी पक्ष का समर्थन करें। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने ये टिप्पणियां कीं। पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ अधिकारियों के आचरण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने एक मामले में अपीलकर्ता के पक्ष का 'जोरदार समर्थन' किया। एक कॉलेज के प्राचार्य की नियुक्ति से संबंधित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले वर्ष मई के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर पीठ ने अपना फैसला सुनाया। यह भी पढ़ें- मेरठ कॉलेज में कुर्सी का विवाद खत्म, प्रो. युद्धवीर ही रहेंगे प्राचार्य ...