वाराणसी, मार्च 28 -- वाराणसी। श्रीरामनवमी के उपलक्ष्य में शनिवार को मंडुवाडीह स्थित कवितांबरा कला केंद्र के सभागार में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए मधुकर मिश्र ने पढ़ा 'अजेय हैं, अनंत हैं, अवर्णनीय राम हैं, रमे हैं रोम रोम में प्रशंसनीय राम हैं।' मुख्य अतिथि मुजफ्फरपुर (बिहार) से आईं कवयित्री डॉ.आरती कुमारी ने पढ़ा 'तुम्हें दुनिया की नजरों से बचाकर साथ रखना है, मेरी चाहत का खत हो तुम छुपाकर साथ रखना है।' काशी की डॉ.नसीमा निशा ने सुनाया 'दिल यह कहता है कि लिखूं तुमको, और फिर उम्र भर पढ़ूं तुमको।' आस्था दीपाली ने पढ़ा 'अंधेरी रात पर हम रुक न जाएं, बुझते मन में आस के दीपक जलाएं।' गोष्ठी में पं.भोलानाथ तिवारी 'विह्वल', डॉ. महेंद्रनाथ तिवारी 'अलंकार', विजयचंद्र त्रिपाठी, दिनेशदत्त पाठक, टीकाराम आचार्य, रामजतन पाल 'सज्जन', क...