गोलोक वासी माताओं का किया गया श्राद्ध
जौनपुर, अक्टूबर 4 -- जौनपुर, संवाददाता। पितृ पक्ष की नवमी तिथि पर रविवार को दिवंगत माताओं का श्राद्ध व पिंडदान किया गया। घरों में अच्छे अच्छे विविध पकवान बनाकर गाय, कौवा और श्वानों के लिए दोनियां निकाली गई। हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में नवमी तिथि को मातृ नवमी कहा गया है। इस दिन गोलोकवासी माताओं का श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान किया जाता है। मातृ नवमी पर उस सभी माताओं का श्राद्ध किया जाता है जिनके मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती। नवमी को सर्व मातृ श्राद्ध और अमावस्या अर्थात पितृ विसर्जन के दिन सर्व पितृ श्राद्ध का विधान है। सुबह तड़के महिलाओं ने दाल भरी पूड़ी, खीर, सब्जी आदि बनाकर अपनी दिवंगत सास मां के निमित्त दोनियाँ निकली। यह भी पढ़ें- 4 अक्टूबर का पंचांग: मातृ नवमी आज, जानें दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल पुरुषों ने अपनी दि...
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