मेरठ, सितम्बर 23 -- मेरठ, मुख्य संवाददाता जिला सहकारी बैंक मेरठ में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक निधि के गलत निवेश और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला सहकारी बैंक मेरठ द्वारा उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में किए गए निवेश और अन्य गतिविधियों को लेकर उच्च स्तर पर जांच की मांग उठाई गई है। कुणाल शर्मा की ओर से की गई शिकायत के बाद बैंक में हड़कंप मच गया है। उधर, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष विमल शर्मा ने वित्तीय अनियमितताओं को खारिज कर दिया है। कहा कि गड़बड़ी के आरोप निराधार हैं। सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।शिकायत के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला सहकारी बैंक द्वारा उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में 210 करोड़ रुपये की धनराशि पर 7.50% वार्षिक ब्याज की दर से निवेश किया गया...