चतरा, मई 31 -- प्रखण्ड क्षेत्र के अति सुंदरवर्ती मेराल पंचायत के जोरी गांव अंतर्गत आदिवासी बहुल लकराही टोला में कई असहाय लोग कच्चे मकान में निवास करने को मजबूर हैं। मालूम हो कि कई बार लोगों ने पंचायत के मुखिया से इसकी जानकारी साझा की लेकिन अभी तक उसे पक्का आवास का लाभ नहीं देने का आरोप है। लकराही टोला की रूनी टूटी पति फिल्मन टूटी ने बताई कि मेरे पति दिव्यांग हैं जिसके कारण वे मजदूरी नहीं कर पाते हैं। हालांकि किसी तरह से मैं और मेरे पति अपने तीन बच्चों का पालन पोषण कर ले रहे हैं। लेकिन पक्का आवास बनाने के लिए मेरे पास पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण कच्चे मकान के दो कमरों में घूंट- घूंट कर जीने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब बरसात के दिनों में कच्चे खपरैल मकान से टप- टप पानी टपकता है। जिसके बाद घर का सारा ज़मीन भीग जाता है...