कानपुर, अप्रैल 24 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियों और रीचार्ज कराने के बाद भी बार-बार बैलेंस निगेटिव होने की शिकायतों के पीछे एरियर बैलेंस वजह मानी जा रही है। केस्को की हेल्पडेस्क और हेल्पलाइन पर आई शिकायतों की जांच में यह खुलासा हुआ है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अंतिम पोस्टपेड बिल भुगतान से लेकर मीटर प्रीपेड होने के दिन तक बिजली खर्च के बिल को एरियर बैलेंस में जोड़ा गया। उपभोक्ता जिस दिन इस बिल का भुगतान करता, उसके बाद मीटर को प्रीपेड कर दिया जाता तो हर रीचार्ज से बैलेंस का 10 से 25 प्रतिशत की कटौती और एरियर बैलेंस का हर महीने दो प्रतिशत ब्याज वसूली का भार न पड़ता। यह भी पढ़ें- केस्को एमडी को स्मार्ट मीटर हटाने का ज्ञापन इस बिल वसूली को ही उपभोक्ता कटौती और मीटरों का तेज चलना मान रहे हैं...