मुजफ्फरपुर, जुलाई 15 -- मुजफ्फरपुर। पैरों में पहिये और हौसले में उड़ान। जुनून ऐसा कि छू ले आसमान। लेकिन, संसाधनों का अभाव स्केटरों के पैरों की बेड़ियां बन रही हैं। जिले में स्केटिंग रिंक की कमी के कारण कभी सूनी सड़कों पर तो कभी छुट्टी के दिन समाहरणालय के पास, किसी दिन स्कूल ग्राउंड तो कभी हाईवे पर बच्चे स्केटिंग करते हैं। इनमें से कोई शौक के कारण स्केटिंग से जुड़ा है तो कोई इस खेल को जुनून की हद तक चाहता है। किसी ने राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया है तो किसी ने इस खेल से जुड़कर आत्मविश्वास और अनुशासन पाया है। स्केटिंग के प्रति बच्चों-युवाओं का रुझान ही नहीं बढ़ा है, बल्कि इस खेल से जुड़कर उन्होंने जिले का मान भी बढ़ाया है। इनका कहना है कि समुचित संसाधन मिले तो ये कामयाबी की बड़ी लकीर खींच सकते हैं। शहर में बच्चों का स्केटिंग के प्रति बढ़ता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.