गया, अगस्त 17 -- हौसला बुलंद हो तो कोई भी रास्ता कठिन नहीं है। दृढ़ इच्छा शक्ति के आगे हर रुकावट छोटी पड़ जाती है। ऐसा ही बुलंद हौसला वाला है बालक यशराज है। महज नौ साल की उम्र में बालक ने साइकिल से बारह ज्योतिर्लिंग की यात्रा तय कर डाली। बालक होने के कारण पूरी यात्रा में दूसरी साइकिल पर यशराज के साथ पिता प्रकाश कुमार साथ-साथ रहे। 210 दिनों में ज्योतिर्लिंग की यात्रा पूरी करने के बाद 15 अगस्त को वापस अपना घर बोधगया लौटा है। वापसी पर बैंड-बाजे के साथ जोरदार स्वागत हुआ। बारह ज्योतिर्लिंग से पहले यशराज ने पिता के साथ अयोध्या, वैष्णो देवी, प्रयागराज, ऋषिकेश, हरिद्वार, देवघर आदि धामों के हजारों किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय कर चुका है। गौ माता के भक्त व धार्मिक आस्था वाला बालक यशराज बोधगया के रामपुर के प्रकाश कुमार व पूजा देवी के पुत्र हैं। गौ हत...