बागेश्वर, मार्च 1 -- त्रयोदशी को होल्यारों ने स्थानीय शिवालयों में जाकर होली गायन किया। इससे पूर्व होल्यारों ने गांवों के अखाड़ों व घर-घर जाकर होली गायन किया। अबीर गुलाल लगाकर एक दूसरे को बधाई दी। कत्यूर घाटी में अब होली गायन परवान चढ़ने लगा है। त्रयोदशी को मटेना के होली डांगर गिरीश चंद्र खोलिया, गढ़सेर के होली डांगर गणेश दत्त भट्ट, के नेतृत्व में होल्यारों ने चक्रवर्तेश्वर मंदिर में होली गायन किया। सिल्ली के जीवन चंद्र दुबे, पाये के प्रकाश नेगी, भेटा के नंदाबल्लभ लोहुमी समेत लौबांज, कौलाग, रटमटिया, जिजोली आदि स्यूरफाट की होलियों ने कपिलेश्वर मंदिर में होलियां गाई। इससे अलावा तिलस्यारी, मन्यूड़ा, अमस्यारी, धैना, कज्यूली, नरग्वाड़ी, पुरड़ा, अयारतोली, चनोली आदि गांवों की होलियां भी शिवालय गई और होली गायन किया। इस दौरान होल्यारों ने शिव के म...