संभल, मार्च 1 -- संभल में होली का रंग अभी से बाजारों में घुलने लगा है। जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे गन्ने की मांग अचानक बढ़ गई है। पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्मों में गन्ने का विशेष महत्व होने के कारण इसकी बिक्री तेज हो गई है। होलिका दहन के समय गन्ने में जौ की बाली लगाकर उसे अग्नि में भूनने की परंपरा यहां वर्षों से चली आ रही है। इसे समृद्धि और अच्छी फसल का प्रतीक माना जाता है। इस समय गन्ने की फसल लगभग समाप्त हो चुकी है। अधिकांश किसानों ने अपना गन्ना चीनी मिलों और कोल्हुओं को बेच दिया है। जो गन्ना अभी खेतों में खड़ा है, उसे किसान अगली फसल की बुवाई के लिए सुरक्षित रख रहे हैं। ऐसे में खुले बाजार में गन्ने की उपलब्धता कम हो गई है। मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने से कीमतों में उछाल आ गया है। जनपद में चीनी मिल पर बंद होने की कागार पर ...