मथुरा, मार्च 3 -- मथुरा, जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय होली सत्संग मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के विभिन्न हिस्सों से जयगुरुदेव के अनुयायी यहां पहुंचे हैं। हजारों लोग आश्रम में ही रह रहे हैं। यहीं उनका रहना, खाना पीना है। सत्संग मंगलवार से शुरू हो गया। पहले दिन राष्ट्रीय उपदेशक बाबूराम ने बताया कि प्रारम्भिक समय में अपने खुशियों को प्रतीक रूप में प्रकट करने के रूप में होली शुरू हुई। इसके द्वारा लोगों में सामाजिक चेतना जागृति कर प्रेम और सौहार्द कायम रखा गया। ब्रज में तरह-तरह से होली खेली जाती है। गुरु महाराज बाबा जयगुरुदेव महाराज ने होली के विकृत स्वरूप में सुधार कर मर्यादित होली खेलने की परम्परा की शुरुआत की। जयगुरुदेव आश्रम में पुरुष-पुरुषों को और महिलायें-महिलाओं को ब्रज की पावन रज को माथे पर लगा कर, गले मिलकर...
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