नवादा, मार्च 2 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। साल भर का इंतजार और आंखों में घर की चौखट पर पहुंचने की चमक के साथ ही दिल में अपनों के साथ गुलाल उड़ाने की हसरत लेकर परदेसी अपनी कर्मभूमि से जन्मभूमि पहुंच रहे हैं। बेहद मशक्कत कर ज्यादातर लोग घर पहुंच चुके हैं। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी उनकी घर वापसी की राहें कांटों भरी साबित हो रही हैं। नवादा जिले के हजारों प्रवासी, जो देश के कोने-कोने में रोजी-रोटी के लिए बसे हैं, इस वक्त रेलवे की कुव्यवस्था और भारी भीड़ के बीच सफर की फजीहत झेलने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि त्योहार की खुशी पर यह संकट भारी पड़ रहा है, पर परदेसियों का हौसला अब भी कम नहीं हुआ है। स्पेशल ट्रेनों का ही प्रवासियों को भरोसा नवादा जिले के विभिन्न प्रखंडों के लोग दिल्ली, सूरत, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में रहते हैं। इस बार ...