आरा, मार्च 7 -- -होली की खुमारी उतरते ही दिल्ली, मुंबई और पंजाब जाने वाली ट्रेनों में तिल रखने की जगह नहीं बची ​आरा/बिहिया। निज संवाददाता कहते हैं बिहार में त्योहार का असली रंग तब दिखता है जब लोग घर आते हैं, लेकिन असली चुनौती तब शुरू होती है जब परदेसी वापस अपनी कर्मभूमि की ओर रुख करते हैं। शनिवार को आरा जंक्शन पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। होली की खुमारी उतरते ही दिल्ली, मुंबई और पंजाब जाने वाली ट्रेनों में तिल रखने की जगह नहीं बची। यात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन आरपीएफ की मुस्तैदी ने किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया। स्टेशन बना महाकुंभ, ट्रेनों में चढ़ने की जंग ​शनिवार की सुबह से ही आरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो और तीन पर यात्रियों का रेला उमड़ने लगा। जैसे ही श्रमजीवी एक्सप्रेस और सम्पूर्ण क्रा...