धनबाद, मार्च 2 -- होलिका दहन और होली के बीच इस बार भद्रा व चंद्रगहण ने तिथियों में फेरबदल कर दिए हैं। इसलिए होलिका दहन को लेकर विभिन्न पंचांगों के अलग-अलग मत हैं। करीब 122 साल बाद ऐसा योग बन रहा है, जब होली के आसपास चंद्रग्रहण पड़ रहा है। इससे होलिका दहन की तिथि को लेकर ज्योतिष विद्वानों में अलग-अलग मत बन गए हैं। कुछ विद्वान दो मार्च की रात को भद्रा के पूच्छ भाग में तो वहीं कुछ मत भद्रा समाप्त होने के बाद तीन मार्च को सूर्योदय से ठीक पूर्व होलिका दहन का निर्णय बता रहे हैं। ज्योतिषविदों के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:55 बजे प्रारंभ होकर 3 मार्च को शाम 5:07 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण भारत में दृश्य होने के कारण इसका सूतक भी मान्य रहेगा। सूतक सुबह 9:19 बजे से प्रभावी माना जाएगा। क्या है विभिन्न पंचांगों का ...