कन्नौज, फरवरी 25 -- छिबरामऊ, संवाददाता। इस वर्ष होली का पर्व पूर्णिमा पर लगने वाले खग्रास चंद्रग्रहण के प्रभाव में मनाया जाएगा। आचार्य पंडित अभय त्रिपाठी ने ज्योतिषीय गणना और शास्त्रीय प्रमाणों के आधार पर बताया कि होलिका दहन 2 मार्च को प्रदोष काल में किया जाएगा। पं.अभय त्रिपाठी के अनुसार, 2 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:56 बजे से आरंभ होगी। पूर्णिमा की अवधि साढ़े तीन प्रहर से अधिक है और प्रतिपदा वृद्धिगामी है, जिससे सामान्य रूप से दहन 3 मार्च को होना चाहिए था। किंतु 3 मार्च को ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण पड़ रहा है तथा ग्रहण काल से पूर्व पूर्णिमा समाप्त हो रही है। धर्मसिंधु के मतानुसार ऐसी स्थिति में होलिका दहन पूर्व दिन प्रदोष काल में ही शुभ है। शास्त्र वचन है कि ग्रस्तोदय ग्रहण होने पर और प्रदोष में पूर्णिमा न रहने पर पूर्व दिन दहन करें। इस वर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.