नोएडा, मार्च 3 -- ग्रेटर नोएडा। प्रशांत अद्वैत फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रशांत ने ग्रेटर नोएडा में भगवतगीता सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि होली को उत्सव की तरह मनाएं। यह परंपरागत रूप से रंगों का पर्व है। उन्होंने रंगों की आड़ में बदतमीजी, मस्ती के नाम पर अभद्रता और नशे की बेहिसाब छूट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि होली का अर्थ है सृजनात्मकता, विवेक, और साहस। रंग खेलिए और मिलिए। याद रखिए, यह दिन छूट का नहीं, स्मरण का दिन है। यह दिन बेहोशी का नहीं, जागरण का है।

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