अलीगढ़, मार्च 3 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। सिक्खों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनंदपुर साहिब में होली के अगले दिन से लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते हैं। सिखों के लिये होला मोहल्ला बहुत ही महत्वपूर्ण है। अलीगढ़ के गुरुद्वारों में भी शबदी कीर्तन कर होला महल्ला मनाया जाएगा। जत्थेदार भूपेंद्र सिंह व राजेंद्र सिंह ने बताया कि होला महल्ला (होली) के शुभ अवसर पर मानसिकता को बदलने का आव्हान गुरु गोविंद सिंह ने चेत वदी प्रथम संवत् 1757 विक्रमी वाले दिन होलगढ़ नामक स्थान पर पहली बार होली के स्थान पर होला महल्ला मानकर सिक्खों को शस्त्र चलाने में महारत हासिल करने की तरफ प्रेरित किया था। इसके बाद होला-महल्ला सिक्खों के लिए अहम दिवस बन गया। गुरु साहिब ने होली के परंपरागत रूप को रद्द कर दिया क्योंकि इस दिन लोग एक दूसरे पर गंदगी फेंकने, बुरे वचन बोल...