झांसी, फरवरी 28 -- कसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन(ग्रामीण) यह मनरेगा का नया नाम है। जिसकी मंशा बताई जा रही है कि ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का गारंटी रोजगार देना है। पर, मौजूदा हाल में जनपद में करीब ढाई हजार से अधिक ग्रामों में काम चल रहे है। जिसमें हर रोज लगभग 11 हजार से अधिक काम पर लगे है। आश्चर्य की बात है कि इन्हें दिसम्बर के पहले सप्ताह से अब तक पैसे का इंतजार ही है। ऐसे में उनके लिए बेहद परेशानी का होली त्योहार होगा जो केवल श्रम से गांव में अपना जीवन यापन कर रहे। मनरेगा के अन्तर्गत काम करने पर ग्रामीण क्षेत्र में जो भी जॉब कार्ड धारक है उन्हें अब 252 रुपए एक दिन का दिया जाता है। यह योजना दो दशक पुरानी है। अब तक ग्राम क्षेत्रों में चल भी रही है। इसकी तह में जाकर वास्तविकता टटोली गई। जिसमें पता चला है कि सरकारी आंकड़ों...
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