लखनऊ, मार्च 10 -- चैत्र मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को बुधवार शीतला अष्टमी मनायी जाएगी। इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है और व्रत भी रखा जाता है। इस दिन बासी खाना शीतला माता को अर्पित किया जाता है। इसलिए इसे बसौड़ा भी कहते हैं। ये होली के आंठवे दिन पड़ता है। मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से बच्चे निरोगी रहते हैं और मां सभी की रक्षा करती हैं। शीतला अष्टमी पर पूजा मुहूर्त सुबह 6.20 से शाम 6.13 बजे तक श्रेष्ठ है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति को चेचक, खसरा जैसे रोगों का प्रकोप नहीं रहता। शीतला अष्टमी से एक दिन पहले घरों में पूड़ी, पूआ़, दाल-भात, मिठाई आदि बनाई जाती है। अष्टमी तिथि पर सुबह इसी बासी पकवानों से शीतला माता का भोग लगाया जाता है। इस दिन कालाष्टमी व्रत भी है। उन्होंने बताया...