हाजीपुर, फरवरी 28 -- हाजीपुर। संवाद सूत्र होली के उत्साह और उमंग में रंगों का विशेष योगदान रहता है। होली में यदि रंग न हों तो होली का आनंद नहीं मिलता, लेकिन इसका ध्यान रखना भी आवश्यक है कि रंगों के कारण जीवन बेरंग न हो जाए। वैशाली जिले के बाजारों में रंग-बिरंगे रंगों और अबीर की भरमार है। जिसमें हर्बल और केमिकल युक्त रंग गुलाल शामिल हैं। लोगों को रंगों को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि बाजार में बिकने वाले केमिकल युक्त रंगों से शरीर को काफी ज्यादा नुकसान होता है। हालांकि हाल के कुछ वर्षों में हर्बल रंग अबीर का पुनः प्रचलन बढ़ा है। पहले लोग पारंपरिक रूप से हर्बल रंगों, फूलों और प्राकृतिक रूप से तैयार रंगों से होली खेलते थे, लेकिन आधुनिकता के प्रभाव और जानकारी के अभाव में लोग केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग धड़ल्ले से करने लगे हैं। आज भी...