हाजीपुर, मार्च 2 -- हाजीपुर,एक प्रतिनिधि। रंगों का त्योहार होली पर्व से पहले होलिका दहन की परंपरा है। होलिका दहन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलका दहन जलाने का उद्देश्य असत्य पर सत्य की विजय के संदेश को पुनजीर्वित करने के साथ तन,मन को स्वस्थ करने का माना गया है। इसलिए होलिका दहन में पुराने टायर, प्लास्टिक जला मोबिल, कचरे आदि भी अब इस्तेमाल किया जाता है,जो वातावरण को प्रदुषित कर बीमारियों का दावत देता है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा यहां विभिन्न स्थानों पर जागरूकता को लेकर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई। नुक्कड़ नाटक के कालाकारों ने होलिका दहन में प्रदूषण फैलाने वाली सामग्रियों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर लोगों को सचेत किया। पटना नाट्य संस्था अमन कुमार निर्देशित नुक्कड़ नाटक जान है तो जहान का प्रस्तुति कर लोगों को वायु प...