बेगुसराय, मार्च 2 -- तेघड़ा, निज प्रतिनिधि। होलिका दहन पूजनोत्सव पर अग्नि में गेहूं की बालियां, जौ, चना, नारियल, और गोबर के उपले डालना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पूजा करने वाले व्यक्ति को 3 से 11 बार होलिका दहन स्थल का परिक्रमा शुभ माना जाता है। होलिका दहन की पूजा को लेकर अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि होलिका की लौ उत्तर या पूर्व की ओर झुकती है, तो इसे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है। गौड़ा में आयोजित एक वैदिक समारोह में कहते हुए उन्होनें कहा कि होलिका दहन केवल अग्नि जलाने की परंपरा नहीं है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। उन्होनें कहा कि इस वर्ष चन्द्रग्रहण और भद्रा के कारण इस पर्व का विशेष महत्व है। मौके पर पंडित अशोक मिश्रा ने बताया कि होलिका की राख को घर लाना और माथे पर लगाने से नकारात्मक उर्जा को दूर करन...
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