प्रयागराज, फरवरी 20 -- होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि 24 फरवरी को होगी। जिसका समापन तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण के दिन होगा। इन आठ दिनों के दौरान कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है। श्रीस्वामी नरोत्तमानंद गिरि वेद विद्यालय के प्राचार्य ब्रज मोहन पांडेय ने बताया कि होलाष्टक के दौरान सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि व राहु ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं। ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा की वजह से इस समय लिए गए निर्णय या किए गए शुभ कार्य फलदायी नहीं होते हैं। उत्थान ज्योतिष एवं अध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी को सुबह 7:02 बजे से अष्टमी तिथि को शुरू होगा। इस दौरान दान-पुण्य, ध्यान व महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना ...
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