नई दिल्ली, जनवरी 31 -- होलाष्टक फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर होलिका दहन तक चलने वाली आठ दिनों की अवधि है। यह समय होली के त्योहार से ठीक पहले का होता है और धार्मिक मान्यताओं में इसे अशुभ माना जाता है। होलाष्टक में शुभ कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन भगवान की आराधना, भजन और दान-पुण्य के लिए यह समय बहुत उत्तम माना गया है। 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च तक चलेगा। होलिका दहन 2 मार्च को होगा और अगले दिन 3 मार्च को होली खेली जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं होलाष्टक का महत्व, क्या करें और क्या ना करें।होलाष्टक का महत्व होलाष्टक को होली और अष्टक से मिलकर बना शब्द माना जाता है, जिसका अर्थ है होली से पहले के आठ दिन। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु ...