नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- पश्चिम एशिया की जंग में लगभग सभी देशों को ऊर्जा संकट में झोंक दिया है। भारत जैसे ऊर्जा आयातक देश के लिए यह हालात किसी बुरे सपने से कम नहीं है। हालांकि, सरकार लगातार दूसरे देशों से तेल और गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के झटके से उबरना आसान नहीं है। भारत के अलावा यूरोप समेत तमाम देश भी इस बंद से परेशान है। एक 33 किमी चौड़े समुद्री मार्ग के बंद होने ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को पोल खोल कर रख दी है। हालात यह हैं कि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे समय में दुनिया की नजर उन पांच प्रमुख स्ट्रेट्स पर पड़ी है, जहां से करीब 60 फीसदी ऊर्जा की सप्लाई होती है। इनमें से अगर किसी एक पर भी कोई परेशानी होती है, तो पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई ठप...