नई दिल्ली, मई 30 -- ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील और क्रिटिकल समुद्री रास्तों में से एक बन गया है। 9 अप्रैल को सीजफायर लागू होने के बावजूद, इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही अब भी काफी हद तक बंद है। ओमान और ईरान के बीच मौजूद इस संकरे मार्ग से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई होती है। ऊर्जा बाजारों में मची इस उथल-पुथल और भारी संकट के बीच, भारत अपने जहाजों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए एक खास 'सीक्रेट' रणनीति पर काम कर रहा है।होर्मुज में मौजूद हैं 13 भारतीय जहाज बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के शिपिंग निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने एक हालिया ब्रीफिंग में बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में फिलहाल 13 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनम...