नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हुई बाधाओं के कारण इस क्षेत्र में गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ा है और ऊर्जा अस्थिरता पैदा हो गई है। एक कार्यक्रम में बोलते हुए, जहां INS सुनायना नामक एक ऑफशोर पेट्रोल वेसल (तटीय गश्ती पोत) 'इंडियन ओशन शिप' (IOS) सागर के रूप में मुंबई से रवाना हुआ, एडमिरल ने कहा कि समुद्र में प्रतिस्पर्धा अब केवल तेल और ऊर्जा तक ही सीमित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि अब यह उन संसाधनों की ओर भी बढ़ रही है जो भविष्य के विकास को आकार देंगे, जैसे कि दुर्लभ मृदा तत्व, महत्वपूर्ण खनिज, मछली पकड़ने के नए क्षेत्र और यहां तक कि डेटा भी। पश्चिम एशिया का संकट 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए एक संयुक्त हमले के...
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