नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए ईरान को नकद या क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किया है। अब इस पर भारत सरकार का बयान आया है। भारत सरकार ने इन सभी दावों और रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। यह स्पष्टीकरण 18 अप्रैल की उस घटना के बाद आया है, जब दो भारतीय जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से वापस लौटना पड़ा था क्योंकि ईरानी बलों ने उन पर फायरिंग कर दी थी।मुख्य घटनाक्रम: 18 अप्रैल की गोलीबारी शिपिंग मॉनिटर कंपनी 'टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम' के अनुसार, 18 अप्रैल को दो भारतीय झंडे वाले जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने का प्रयास कर रहे थे। इनमें इराकी कच्चा तेल ले जाने वाला एक सुपरटैंकर भी शामिल था। इसी दौरान ईरानी बलों ने उन पर गोलीबा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.