नई दिल्ली, जून 16 -- अमेरिका और ईरान के बीच डील पक्की होने के बाद भारतीय ध्वज वाला एलएनजी जहाज 'दिशा' तीन महीने से अधिक समय बाद युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने वाला पहला भारतीय जहाज बन गया है। यह जहाज 18 जून को भारत पहुंचेगा। 'दिशा' के निकलने के बाद अब बाकी 34 जहाजों को लेकर भी उम्मीद पक्की हो गई है। जल्द ही फारस की खाड़ी में फंसे 34 अन्य जहाजों को भी हरी झंडी मिल सकती है। इस तरह तेल और गैस के जहाजों के भारत पहुंचने से मुश्किलें कम हो जाएंगी और पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत से भी निजात मिल जाएगी।तेल और गैस को लेकर राहत मिलने में लगेगा थोड़ा समय रिपोर्ट के मुताबिक फारस की खाड़ी में फंसे कम से कम 16 जहाजों में उर्वरक हैं। जानकारों का कहना है कि तेल और गैस को लेकर राहत मिलने में थोड़ा वक्त लगेगा। इसकी वजह है...