वाराणसी, फरवरी 12 -- वाराणसी। बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में उपशास्त्रीय गायन कार्यशाला में गुरुवार को बनारस घराने की विदुषी मीना मिश्रा ने होरी, चैती, दादरा और कजरी का अभ्यास कराया। कार्यशाला कौस्तुभ जयंती समारोह के तहत आयोजित थी। मीना मिश्रा ने लोक-आधारित शैलियों में दादरा 'मोपे डारो न रंग गिरधारी रे', होली 'तुम राधे बनो श्याम हम नंदलाला', चैती 'चैत मास सैंयां नहीं अइले हो रामा जिया घबराईहैं', कजरी 'जमुना किनारे पड़ा हिंडोल, कहे को मेरो पालना' और 'अरे राम बरखा की आई बहार' सिखाई। उन्होंने लय, भाव, उच्चारण, बनारसी अंग और प्रस्तुति शैली की बारीकियों पर मार्गदर्शन दिया। अंत में विद्यार्थियों ने सीखी गई रचनाओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की संयोजक संकाय प्रमुख प्रो. संगीता पंडित रहीं। आयोजन सचिव डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य और डॉ. श्यामा कुम...
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