वाराणसी, मार्च 20 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। शहरी और ग्रामीण होम स्टे योजना के लिए पिछले दिनों एक हजार से अधिक आवेदन आए थे, लेकिन इसमें से करीब चार सौ ही स्वीकृत हुए। 60 फीसदी से अधिक आवेदन इसलिए रद्द हो गए कि वे नियमों के अनुरूप नहीं थे। इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों के रद्द होने के कारण ही योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। संयुक्त पर्यटन निदेशक दिनेश कुमार ने शनिवार को कचहरी स्थित कमिश्नरी सभागार में कार्यशाला में होम स्टे संचालकों को बताया कि होम स्टे और बेड ऐण्ड ब्रेकफास्ट योजना के नियमों को पहले की तुलना में काफी शिथिल किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। दोनों ही योजनाओं को दो श्रेणियों, गोल्ड और सिल्वर में वर्गीकृत किया गया है। सिल्वर श्रेणी के लिए पार्किंग अनिवार्य नहीं है...
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